आई – टी और भू-सूचना

भारत की पूर्वोत्तर क्षेत्र में चलाए जा रहे विभिन्न परियोजनाओं के लिए आईटी मुख्य आधार होने के साथ ही केंद्र का सूचना प्रौद्योगिकी और भौगोलिक सूचना समूह मुख्य रूप से विभिन्न आईटी की ज़रूरतों और उपयोगकर्ताओं की सेवाओं को पूरा करता है। इसके अतिरिक्त ग्रुप –

  • केंद्र के आईटी अवसंरचना आवश्यकताओं को नियमित आधार पर मॉनिटर करता है और केंद्र में विभिन्न उपयोगकर्ता द्वारा परियोजना की त्वरित और समय पर निष्पादन को सक्षम करने के लिए इसे विस्तारित और अपग्रेड करने की कोशिश करता है।
  • नियमित रूप से साइबर सुरक्षा से संबंधित कारकों की जांच की जाती है और केंद्र के किसी भी खतरे को दूर करने के लिए उपकरण और तकनीकों से अच्छी तरह से सुसज्जित है।
  • हमारे केंद्र में आने वाले वैज्ञानिक, अनुसंधान वैज्ञानिक, शोध वाले और प्रशिक्षुओं की आवश्यक्ताओं के अनुसार भू स्थानिक डाटाबेस निर्माण, प्रसंस्करण और मॉडलिंग के लिए सॉफ्टवायर से संबंधित विभिन्न लाइसेंसों का प्रबंध करता है।
  • स्थानिक डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर (एसडीआई) का प्रबंधन, डेटा को देखने, क्वेरी, प्रबंधन और डाउनलोड करने के लिए कार्यात्मकता प्रदान करते हुए, डेटा प्रबंधन को सरल बनाने के लिए केंद्र में स्थापित किया गया था।

केंद्र में एक उच्च निष्पादन कम्प्यूटिंग (एचपीसी) क्लस्टर प्रणाली सहित राज्य के अत्याधुनिक सर्वर, भंडारण उपकरण और वर्कस्टेशन है, जिसका उपयोग मह्त्वपूर्ण सिमुलेशन, सांख्यिकीय मॉडल के निष्पादन और डेटा और सेवाओं के वेब आधारित प्रसार के लिए भी उपयोग किए जा रहे हैं।

केंद्र में एक उच्च निष्पादन कम्प्यूटिंग (एचपीसी) क्लस्टर प्रणाली सहित राज्य के अत्याधुनिक सर्वर, भंडारण उपकरण और वर्कस्टेशन है, जिसका उपयोग मह्त्वपूर्ण सिमुलेशन, सांख्यिकीय मॉडल के निष्पादन और डेटा और सेवाओं के वेब आधारित प्रसार के लिए भी उपयोग किए जा रहे हैं।

एन.ई.सैक एसडीआई डेटा वेयर हाउस है जो निम्न डेटा विभेदन से लेकर उच्च विभेदन डेटासैट्स, पूरे एनईआर (8 राज्यों) के डिजिटल एलीवेशन मॉडल(डीईएमएस) और वेक्टर लेयर के रेंजीग तक के विभिन्न डेटासेट के साथ सूचीबद्ध है। यह संगठनात्मक एसडीआई परिसर में व्यापक लैन के माध्यम से एनईएससी के सिस्टम के भीतर चलता है। उपयोगकर्ता के विभिन्न समूहों अर्थात वैज्ञानिकों, जेआरएफ, छात्रों आदि को एसडीआई तक पहुंचने के लिए प्रमाणीकृत परिचय पत्र(साख) प्रदान किए गए है जिससे वे सूचीबद्ध डेटासेट की खोज कर सकते हैं और आवश्यकतानुसार अपने स्थानीय मशीन पर डेटा डाउनलोड कर सकते हैं। इससे डेटा तक पहुंचने की आसान, लचीली, ज़रूरत-आधारित सुविधा उपलब्ध होती है। इस क्षेत्र में उपयोगकर्ताओं को भू-स्थानिक डेटा सेवाओं का प्रसार दोंनों तरह के माध्यम ऑफलाइन मोड से शुरू किया गया है, इस प्रकार क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं और विकास संबंधी गतिविधियों के लिए मूल्ययुक्त(वर्धित) डेटा उत्पादों के सार्थक उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र में आईटी और भू-सूचना विज्ञान समूह ने राज्य और जिला स्तरों पर प्राकृतिक संसाधनों के नियोजन और प्रबंधन के लिए भू-स्थानिक अनुप्रयोग विकसित किए है। ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का उपयोग करके एक ही विंडों में उपलब्ध जानकारी को एकीकृत्त करके इसे संभव बनाया गया है, जहां भू-स्थानिक डेटा विजुअलाइजेशन, विशलेषण, निष्कर्षण, अंतिम मानचित्र आदि का मुद्रण के लिए आवश्यक उपकरण उपयोगकर्ता द्वारा भौगोलिक सूचना प्रणालियों के पूर्व ज्ञान के बिना किया जा सकता है। यह सूचना प्रणालियां मारे सरमवर के माध्यम से होस्ट की जाती है और समूह द्वारा प्रबंधित और प्रबंधन की जाती है।